Difference between share and debenture in hindi

hello guys आज के इस पाठ में हम आपको difference between share and debenture यानी कि अंश और ऋणपत्र में क्या अंतर होता है इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे। तो दोस्तों पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी इस पोस्ट को अंत तक पढें।

दोस्तों अंश और ऋणपत्र के बीच के अंतर जानने से  पहले हमें यह पता होना चाहिए कि securities क्या होती है एवं Debenture क्या होता है और शेयर क्या होते हैं। तथा यह कितने प्रकार के होते हैं।इसके अलावा debenture और शेयर में कौन सी security किसी कंंपनी और निवेशकों की  income/capital के growth पर  क्या असर करती है। इसके अलावा और भी बहुत से factor जिनको जानने के बाद ही आप अच्छी तरीके से अंश और ऋणपत्र के बारे में जान पायेंगे यह सब इस पोस्ट के माध्यम से जानेंगे तो चलिए शुरू करते हैं।


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Securities क्या होती है ?


Securities एक ऐसी tradable यानी कि खरीदी और बेंची जाने वाले निवेश उपकरण (financial instrument) होते है जिसका कोई आर्थिक (economic )या मौद्रिक मूल्य (monetary value ) होता है securities कहलाती है।

सुरक्षा यानी कि securities स्वामित्व या ऋण का एक ऐसा सबूत होता है जिसे एक मूल्य प्रदान किया जाता है तथा जिसे बेंचा जा सकता है। जैसे डिबेंचर, बांड्स, शेयर आदि।
आइये अब जानते हैं सिक्योरिटी कितने प्रकार की होतीं है।

Types of Securities ? 

Generally securities तीन प्रकार की होती है. Equity,debt, और derivatives.



1.Debt securities (बांड्स, डिबेंचर, बिल आदि)      Note:हमे यहाँ पता चला कि डिबेंचर debt security के अंतर्गत आता है।                                 
2.Equity securities (शेयर)                                 Note:हमे यहाँँ पता चला कि शेयर्स एक equity securities है।                                                      
3.Derivatives (swaps,forwards आदि)।

Difference between shares and Debentures in Hindi? शेयर और डिबेंचर में क्या अंतर है?

शेयर और डिबेंचर किसी भी stock market की सबसे ज्यादा खरीदी और बेंची जाने वाली securities है, और वाकई में इनसे बहुत सारा रूपया भी कमाया जा सकता है।
शेयर को जहां equities यानी कि कंंपनी के  capital के तौर पर रखा जाता है, और कंंपनी इसको issue करती है तो उसे shareholders को लाभ में से dividend(लांभाश)  देना पडता है। तो वहीं डिबेंचर को कंंपनी के Debt यानी कि liabilities के तौर पर रखा जाता है और कंंपनी इसपर रेट अॉफ इंटरेस्ट देती हैं। आइये आगे इनके बारें मे पढते है।


-शेयर क्या है?What is Share-

शेयर किसी कंंपनी के सबसे छोटे हिस्से होते हैं जिनको कंंपनी के द्वारा issue करके कंंपनी की पूंंजी (Capital) बढाने में मदद मिलती है।शेयर खरीदने वाले लोगों को शेयरहोल्डर कहते हैं एवं ये अपने शेयर प्रतिशत के हिसाब से उस कंंपनी के मालिकाना हक में हिस्सेदार होते हैं।
दूसरी बात यह कि शेयर को आप आसानी से खरीद और बेंच सकते हैं। शेयरहोल्डर्स जोकि शेयर खरीदते हैं वह कंंपनी में Board of directors मतदान के अधिकारी एवं मालिकाना हक के हकदार होते हैं।

Types of Shares शेयर के प्रकार?

शेयर के दो प्रकार होते हैं। एक equity होता है जिसमें शेयरहोल्डर्स को मालिकाना हक मिलता है।एवं दूसरा preference होता है जिसमें मालिकाना हक नहीं दिया जाता है।

1.Equity Shares-

equity shares वह शेयर होते हैं जिनपर dividend fix नही होता है। परन्तु equity shareholders को कंंपनी में वोटिंग अधिकार होता है क्योकि वह कंंपनी में equity shares का risk लेते हैं।आसान शब्दों में equity shareholders को preference shareholders के payment के बाद ही अगर profit का रूपया बचता है तो pay किया जाता है।

2.Preference shares-

preference share वह शेयर होते हैं जिनपर dividend fix होता है। एवं  preference share के holders को कंंपनी मे वोटिंग का अधिकार नहीं होता है।

Debenture क्या है?What is debenture in hindi.

Debenture एक प्रकार की liability(ऋण पत्र) होती है,जिसे कंंपनी अपनी fund बढानें के लिए एक security के तौर पर issue करती है। debentures को hold करने वाले लोगों को लेनदारी के बदले में ब्याज मिलता है। डिबेंचर की सबसे खास बात यह है कि company अगर loss में भी जाती है तब भी debentureholders को secured debenture के तौर पर ब्याज मिलता है।

Types of Debentures डिबेंचर्स के प्रकार?

1.Secured Debenture
2.
Unsecured Debenture
3.
Convertible Debenture
4.
Non-convertible Debenture
5.
Registered Debenture
6.
Bearer Debenture


Difference between Shares and Debenture in Hindi.

हमलोगों ने securities के बारे में जान लिया शेयर एवं डिबेंचर तथा उनके प्रकार के बारे में जान लिया आइए अब शेयर और डिबेंचर के बीच के अंतर को जानते हैं।


1.Equity किसी कंंपनी की capital होती है जबकि debenture किसी कंंपनी का debt होता है।
2.Equity shares के मालिक को shareholders कहा जाता है जबकि debenture के मालिक को debentureholder कहते हैं।
3.शेयरहोल्डर्स को dividend प्राप्त होता है जबकि debentureholders को ब्याज प्राप्त होता है।
4.Debentures पर securities charge जारी किए जाते हैं।जबकि शेयर्स पर securities charge नहीं जारी किए जाते हैं।
5.शेयरहोल्डर्स को company के asset पर चार्ज नहीं होता है जबकि डिबेंचर्स holders को कंपनी के asset पर चार्ज होता है।
6.शेयर के मालिक को कंंपनी मे वोटिंग का अधिकार होता है जबकि डिबेंचर के मालिक को वोटिंग राइट नहीं होता है।

My opinion-

तो दोस्तों यह था difference between shares and debentures in hindi इन दोनों ही securities में कमाल का अंतर है परन्तु यह किसी कंंपनी की रीढ़ की हड्डी (backbone) होती है।इनकी ग्रोथ कंंपनी के भविष्य को निर्धारित करती है। उम्मीद है आप लोगों को post और blog पसंद आया होगा। दोस्तों आपको जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताये और यदि इस पोस्ट में कोई त्रुटि रह गई हो तो उसे comment में जरूर बताएं ताकि हम उसमें सुधार करके उसे पढने योग्य बना सकें बहुत बहुत आभार आपका।

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