Bull and Bear in stock market. शेयर बाजार में तेजडिया और मंदडिया क्या है?

हमलोग अक्सर समाचार पत्रों के अंशों मे शेयर बाजार की गति और गिरावट को पढते हैं, या फिर internet से जानने की कोशिश करते हैं कि, आज शेयर बाजार में क्या हरकत हो रही है,लेकिन  क्या आपको पता है कि यह सब Bull and Bear की वजह से होती है।और इसिलिए आज हम आपको  Bull and Bear in share market या फिर तेजडिया और मंदडिया बारे में बतायेंगे। Bull और Bear क्या होते हैं, इनसे शेयर बाजार में  क्या प्रभाव पड़ता है, तथा जानवरों के नाम से इन्हें  क्यों चिन्हित किया जाता है।

                                
Bull and Bear in stock market

Bull and Bear in Share market शेयर बाजार में तेजडिया और मंदडिया?                                              

दोस्तों share market की प्रतिदिन की वृद्धि यह प्रतिदिन की गिरावट Bull और Bear की दिशा और दशा के कारण होती है,ऐसा कहा जाता है कि Bull में आई तेजी से share market में उछाल आता है, और बाजार रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन कर सकता है, वही अगर Bear या विकवाली की स्थिति में शेयर बाजार अपने रिकॉर्ड स्तर की गिरावट दर्ज कराता है।             

शेयर बाजार में Bull and Bear का क्या अर्थ है?                                      

शेयर बाजार में Bull यानी कि बैल का मतलब होता है तेजी से, वही शेेेयर बाजार में Bear यानी कि भालू का मतलब होता है मंदी से,यह प्रतिदिन चलने वाली क्रिया है, जिसकेे आधार पर ही शेयर बाजार में गिरावट या तेजी का अनमान लगता है।

Bullish and bearish का भविष्य निवेशकों पर आश्रित है।

दरअसल शेयर बाजार में दो तरह के निवेशक या खरीददार होते हैं, एक वे जो यह मानते हैं कि बाजार ऊपर जायेगा यानी कि बाजार में ऊछाल आयेगी,और इसी आधार पर वे शेयर की खरीद-फरोख्त करते हैं,और ऐसे ही निवेशकों को Bull या Bullish का सर्मथक कहा जाता है।दोस्तों दूसरे वे निवेशक या खरीदार होते हैं, जो यह अनुमान लगाते हैं कि बाजार में गिरावट आ सकती है, और ऐसे में यह लोग गिरावट के आधार पर शेयर की खरीद-फरोख्त करते हैं, और ऐसे ही निवेशकों को Bear या Bearish का सर्मथक कहा जाता है।        

शेयर बाजार में तेजी और मंदी के लिए जानवरों का नाम क्यो पडा़?    


     
Bull and Bear in stock market 
Bull and Bear in stock market

   

लगभग सभी लोग जो पहली बार Bull एवं Bear के बारे में जानते हैं, उनके मन में यह सवाल उठता है कि शेयर बाजार का बैल और भालू से क्या संबंध ,तो मैं बता दूूं कि यहाँ पर इन जानवरों के स्वभाव के कारण शेयर बाजार मेें इन जानवरों का उपयोग किया जाता है।                                                                    जैसा कि आप जानते होंगे बैैैल या सांड,हमेशा शत्रु को नीचे से गिराकर ऊपर की ओर फेंकते हैं और जब बाजार में उछाल आता है तो भी बाजार मंदी से तेजी के ऊपर जाता है, इसिलिए इस condition को Bull or Bullish situation कहते हैं। अब दूसरी तरफ भी भालू का स्वभाव होता है कि वह शत्रु को ऊपर से नीचे की तरफ गिराता है, और यही condition बाजार में भी होती है, बाजार जब ऊपर से नीचे की ओर जाती है तो उसे Bear or Bearish situation कहते हैं।                  

Bull market का अर्थव्यवस्था से संबंध?

दोस्तों अभी तक आपने Bull and Bear in share market पढ़ा अब आपको बतातेे हैं कि Bull market से अर्थव्यवस्था कैसी होती है।तो दोस्तों आपको बता दें कि यह वह समय होता है जब देश की GDP बढ़ रही होती है, बेरोजगारी कम हो, जाती है और शेयर की कीमतों एवं बाजार सूंचकांक बढ जाता है, तब निवेशकों का अनुमान रहता है कि लाभ होने वाला है, और ऐसे में जब वे बाजार में पूंजी लगाते है, तब उन्हें Bull trader कहते है, और बाजार सूचकांक Green arrow बनाता है, यानी बाजार ऊछाल के दौर से गुजरने वाला है।

बियर market का अर्थव्यवस्था से संबंध?                

जैसा कि आपने Bull market में पढ़ा इससे एकदम उलट Bear market में होता है, ऐसी situation में अर्थव्यवस्था में GDP निचले स्तर पर आ जाती है, बेरोजगारी अपनी चरम सीमा पर होती है, शेयर की कीमतों में गिरावट आ जाती है, सूचकांक ढेर हो जाता है, लेकिन फिर भी निवेशक इनमें पूंजी लगाता है, और short selling की उम्मीद करता है, और ऐसे में निवेशकों को Bear trader कहते हैं, इस हालात में बाजार सूचकांक Red arrow. बनाता है, यानी बाजार मंदी की दौर से गुजरने वाला है।                                       

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