Indradhanush kaise banta hai?- आइये जाने हिंदी में।

    "इंद्रधनुष"   इंद्रधनुष शब्द लैटिन भाषा के 'Arcus Pluvius' शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ होता है 'बरसात की चाप'। वैसे तो इस नाम से लगभग सभी लोग परिचित होंगे। और जो इस नाम से परिचित हैं उन्होंने अपने जीवन में एक या कई बार इंद्रधनुष जरूर देखा होगा। और जिन्होंने देखा होगा उनके मन में यह सवाल उठना लाज़मी है कि Indradhanush kaise banta hai?    


ये बात हम सभी जानते हैं कि बारिश होने के बाद सूर्य के प्रकाश की विपरीत दिशा में हमें सात रंगों वाला इंद्रधनुष दिखाई देता है। यह हमें कभी-कभी और कुछ ही समय के लिए दिखाई पड़ता है। पर जो लोग इसे देख पाते हैं उनके मन में यह कई सवाल छोड़ जाता है। जैसे कि-

1.इंद्रधनुष कैसे बनता है?
2.इंद्रधनुष कब दिखाई देता है?
3.इंद्रधनुष के रंगों के नाम कौन कौन से हैं?
4.इंद्रधनुष कैसा होता है?
5.इंद्रधनुष का रहस्य क्या है?

                          Indradhanush kaise banta hai

इन्हीं सवालों को ध्यान में रखते हुए मैंने यह पोस्ट लिखी है। तो चलिए एक एक करके इन सारे सवालों के जवाब जानते हैं।

Indradhanush kaise banta hai? इंद्रधनुष कैसे बनता है?

सूर्य का सफ़ेद प्रकाश विभिन्न रंगों के प्रकाश का मिश्रण होता है। बारिश के बाद आसमान में जल की छोटी-छोटी बूँदे होती हैं। या यूँ कहे की छोटी-छोटी बूँदे वाष्प के रूप में वायुमंडल में उपस्थित रहती हैं।
वायुमण्डल में उपस्थित ये बूँदे एक प्रिज़्म की तरह काम करती हैं। जिस प्रकार किसी प्रिज़्म से होकर जब सूर्य का प्रकाश गुजरता है। तो वह कई रंगों में विभाजित हो जाता है।
ऐसा इस कारण होता है कन्योकी प्रकाश के विभिन्न रंगों की चालें किसी पदार्थिक माध्यम में भिन्न-भिन्न होती हैं। इसी वजह से वे अलग-अलग रंगों में विभाजित हो जाती हैं। 
इस प्रक्रिया को प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण (Dispersion) या परिक्षेपण कहते हैैं।

यही कारण है कि बारिश के बाद वायुमंडल में उपस्थित जल की बूदों पर जब सूर्य का सफेद प्रकाश पड़ता है तो वर्ण-विक्षेपण के कारण यह कई रंगों में बिखर जाता है। और हमें इंद्रधनुष के रूप में नज़र आता है।

Indradhanush kab banata hai?इंद्रधनुष कब दिखाई देता है?

इंद्रधनुष हमेशा बरसात के समय दिखाई देता है।  बरसात के बाद आसमान में इंद्रधनुष दिखाई देता है। इसकी एक शर्त और है कि यह तभी आपको दिखाई पड़ेगा जब सूरज आपके पीछे हो।
सूर्य का प्रकाश जब पानी पर पड़ता है तो उसका वर्ण-विक्षेपण हो जाता है और वह अपवर्तित होकर हमारी आँखों पर पड़ता है और हमें इंद्रधनुष सात तरह के रंग का एक साथ दिखाई पड़ता है। 

Must Raed-2020 में इन 4 आसान तरीकों से चेक करें अपने PF खाते का बैलेंस

इंद्रधनुष के रंगों के नाम कौन-कौन से हैं? Indradhanush ke rango k nam- 

प्रकाश के वर्ण-विक्षेपण के बाद उसमें सात रंगों का प्रकाश दिखाई पड़ता है। यही वजह है कि इंद्रधनुष में भी सात रंग दिखाई पड़ते है। इन सात रंगों को सरल शब्दों में VIBGYOR (विबग्योर) कहते हैं। इसका मतलब कुछ इस प्रकार है-

                          
Indradhanush kaise banta hai

V-Violet
I-Indigo
B-Blue
G-Green
Y-Yellow
O-Orange
R-Red

इन सात रंगों में सबसे ऊपर रेड कलर और सबसे नीचे Violet कलर होता है। 
इनके ऊपर और नीचे होने का कारण इनका विचलन कोण है। किसी पदार्थिक माध्यम में इन रंगों की चालें भिन्न-भिन्न होती हैं। और इनका विचलन कोण भी अलग होता है। लाल रंग का विचलन कोण सबसे कम और violet (बैंगनी) रंग का सबसे ज्यादा होता है। यही वजह है कि हमें लाल रंग ऊपर और बैंगनी रंग नीचे दिखाई देता है।

इंद्रधनुष कैसा होता है? Indradhanush kaisa hota hai?-

इंद्रधनुष के आकार की बात करें तो अधिकांशतः इसका आकार चाप के एक टुकड़े का प्रतिनिधित्व करता है। इसका सबसे अच्छा उदाहरण है कि यह अँगूठी के आधे हिस्से की तरह होता है। जिसमें ऐसा प्रतीत होता है। कि इसके दोनों किनारे जमीन पर टिके हुए हैं। 

इंद्रधनुष का रहस्य क्या है?- 

1.इंद्रधनुष सूर्य की रोशनी को बारिश की बूंदों द्वारा अपवर्तित करने से बनता है। इसे सबसे पहले 1637 में रने डकार्ट ने पता लगाया था। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दूँ की शिर्फ Rainbow यानी की इंद्रधनुष ही नही होता है। Moonbow , जो की चाँद की रोशनी से बनता है। और Fogbow जो कि कोहरे से बनता है , ये भी होते हैं। लेकिन इस प्रकार के इंद्रधनुष का बनना बहुत ही दुर्लभ होता है।
2.अगर आपको आसमान में एक साथ दो इंद्रधनुष दिखाई दे तो एक इंद्रधनुष में ऊपर लाल रंग के बजाय , बैंगनी रंग सबसे ऊपर होगा आज तक का सबसे लंबे समय तक दिखाई देने वाला इंद्रधनुष 14 मार्च 1994 को इंग्लैण्ड के शहर शेफील्ड में देखा गया था। यह सुबह 9 बजे से शाम 3 बजे तक दिखाई दिया था।
3.पहले लोग मानते थे कि इंद्रधनुष में पाँच ही रंग होते है। लेकिन उसमें उपस्थित बैंगनी और नारँगी रंग का पता 1666 में आइजेक न्यूटन ने लगाया। वैसे इंद्रधनुष ज्यादातर झरने के पास और भूमध्य रेखा के आस पास वाले क्षेत्रों में ज्यादा दिखाई देता है।
4.इंद्रधनुष का वास्तविक आकार पूरा गोल होता है। लेकिन जमींन से देखने पर हमें यह आधा ही दिखाई पड़ता है। आप इसे काफी ऊँचाई पर उड़ते हुए हवाई जहाज से पूरा देख सकते हैं। पृथ्वी पर सबसे ज्यादा इंद्रधनुष अमेरिका के हवाई राज्य में दिखाई देते हैं। जिस कारण इसे 'The Rainbow State' भी कहा जाता है।
5.प्राचीन काल की अलग अलग सभ्यताओं में इंद्रधनुष को लेकर काफी मतभेद देखने को मिलता है। यूनान की पौराणिक कथाओं में इसे स्वर्ग और पृथ्वी के बीच का पुल खा गया है। वंही सर्बिया के लोगों का मानना था कि इंद्रधनुष तूफान भगवान का धनुष है।

Conclusion(निष्कर्ष)- 

इंद्रधनुष कैसे बनता है? यह सिखने के साथ साथ आपने इससे संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी जैसे इंद्रधनुष कब दिखाई देता है , इंद्रधनुष के रंगों के नाम , ...... , इंद्रधनुष का रहस्य आदि के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर ली है। दोस्तों हमारा उद्देश्य यही रहता है कि हम आपको अधिक से अधिक जानकारी दें पाएं। ताकि हमारे रीडर्स को कंही पर भी कोई प्रॉब्लम न आये। और अगर आपको अब भी कंही पर संदेह है तो उसे भी आप कमेंट के जरिये हमसे पूछ सकते हैं। और हाँ आपको हमारी यह पोस्ट कैसी लगी कमेंट में जरूर बताना। धन्यवाद!

Must Read-Ubersugest chrome extension kya hai इसे kaise use करें? 2020।Neil Patel's ubersuggest

Must Read-Chumbak kaise banta hai

टिप्पणी पोस्ट करें

2 टिप्पणियां

Feel Hindi love Hindi.
You are very nice guy.
Please Do not enter any spam link.