आज के समय में लगभग हर वह व्यक्ति जिसने Computer , Laptop या फिर किसी Android Phone का इस्तेमाल किया है उसने Keyboard का Use जरूर किया होगा। लेकिन शायद ही किसी को पता हो कि वह कौन से  Keyboard का इस्तेमाल कर रहे हैं।
तो दोस्तों इस पोस्ट में हम आज आपको बताने वाले हैं कि Qwerty keyboard kya hota hai? और इसके साथ में हम Keyboard के प्रकार जैसे कि Azerty , Dovark आदि के बारे में भी बताएँगे।

                           
Qwerty keyboard kya hota hai

Qwerty keyboard kya hota hai?

आज के इस समय Qwerty Layout Keyboard का प्रयोग दुनिया में बहुत ज्यादा किया जाता है। आपने शायद ध्यान दिया हो कि लगभग Android Phones , PC , Laptop  के Keyboard Qwerty Keyboard ही होते हैं। इस Layout के Keyboard पर आप Fast Typing कर सकते हैं। शुरुआत में इस Keyboard में बहुत कम Functions थे लेकिन बाद में इसमे और Key buttons को जोड़ दिया गया। इस लेआउट कीबोर्ड का नाम इसके शुरूआती अच्छर Q-W-E-R-T-Y से Qwerty पड़ा।

यह layout कीबोर्ड के second row में six कैरेक्टर के रूप में दिखाई देते हैं। इस प्रकार के कीबोर्ड लेआउट का प्रयोग Multipurpuse कार्य करने के लिए किया जाता है। यह एक साधारण कीबोर्ड लेआउट है जिसका प्रयोग कोई भी व्यक्ति बहुत ही सरलता से कर सकता है।

AZERTY keyboard➞

इस प्रकार के कीबोर्ड लेआउट का जन्म France में हुआ था ये लेआउट Qwerty layout से ज्यादा अपडेट और इसकी तुलना में अच्छे हैं।

DOVARK keyboard➞

इस प्रकार के keyboard layout का प्रयोग ज्यादा तर विदेशों में किया जाता है।इस प्रकार के कीबोर्ड को बनाने का कारण उंगली के मूवमेंट को कम करना है। ये कीबोर्ड Azerty और Dovark से ज्यादा अपग्रेड हैं। और एडवांस भी, इन्हें ज्यादातर नयी टेक्नोलॉजी या साइंटिफिक रिसर्च में प्रयोग किया जाता है। कन्योकी इसकी टाइपिंग स्पीड बहुत ही फ़ास्ट होती है।

अब आपने Keyboard के मुख्य प्रकार के बारे में जानकारी प्राप्त कर ली है अब आईये जानते हैं कि Keyboard काम कैसे करता है।

Keyboard काम कैसे करता है➙

Keyboards की एक key दबाते ही एक इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल उत्पन्न होता है। जो की एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट जिसे कीबोर्ड एनकोडर कहा जाता है। के द्वारा खोजा जाता है। Keyboard में एक छोटा प्रोसेसर बिल्ट इन का प्रयोग होता है।जब भी आप एक keys दबाते हैं, keyboard प्रोसेसर इसे खोजता है और Motherboard पर स्थित keyboard cantroler को इसके अनुरूप एक बाइनरी नंबर भेजता है जिसे स्कैन कोड कहा जाता है।यह कोड अंततः प्रोसेसर(CPU) को ट्रांसमिट कर दिया जाता है। इसके बाद CPU, Keyboard ड्राइवर नाम के प्रोग्राम का प्रयोग करके इसे प्रोसेस करता है।कीबोर्ड ड्राइवर,कोड़ो को उनके अनुरूप कैरेक्टरों में बदल देता है।

Alphabedic keyboard knyo नहीं बनाये जाते हैं?➙

हम जब भी कुछ टाइप करते हैं तो हमें टाइप करने के लिए मुख्यतः तीन तरह के कीबोर्ड प्रोवाइड किये जाते हैं। Qwerty, Azerty, Dovark जिसमें हम Qwerty का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। लेकिन आपने कभी सोचा है कि हमें Alphabedic क्रम में क्यों कीबोर्ड नही दिए जाते जिससे हमें टाइप करने में और आसानी हो। आइये जानते हैं।

                            
                           
आप ने टाइप राइटर का नाम तो जरूर सुना होगा जिसका प्रयोग पहले के ज़माने में टाइपिंग में होता था। ये टाइप राइटर पुरे मेकेनिकल बेस्ड होते थे। मतलब इनमे गियर्स का इस्तेमाल किया गया था।जब भी हम किसी अच्छर के बटन को दबाते थे तो गियर की मदत से वह सामने लगे कागज पर छप जाता था। ये पहले Alphabedic क्रम में ही थे।लेकिन इनमें इसी की वजह से एक समस्या आयी जब भी हम दो अच्छरों को साथ में दबाते थे जो की पास- पास में थे। जैसे की NO तो वे अच्छर आगे जाकर टाइप राइटर को जाम कर देते थे।जिसके बाद उसे खोलकर फिर से रीस्टार्ट करना पड़ता था।
इसी को देखते हुए इन अच्छरों को दूर- दूर किया गया और QWERTY keyboard बना।
 चूँकि सभी लोग अब टाइप राइटर में Qwerty keyboard ही इस्तेमाल करते आ रहे थे।इसीलिये इसमे बिना बदलाव किये आज के कीबोर्ड बनाये गए जिनका हम इस्तेमाल करते हैं।
नमस्कार!sstechesa पर आपका हार्दिक स्वागत है। आज हम आपको कीबोर्ड क्या है , कितने प्रकार का होता है , कैसे काम करता है , Important keys कौन सी हैं और Shortcut keys का इस्तेमाल कैसे करें से रिलेटेड फुल और  इम्पोर्टेन्ट इनफार्मेशन आपको देंगे।
Computer के keyboard में टाइप राइटर के सभी keys के अलावा कुछ अतिरिक्त keys भी होते हैं। ये अतिरिक्त keys ; कर्सर कन्ट्रोल, इन्सर्ट डिलीट, स्क्रोल कन्ट्रोल आदि हैं।

Related article :