GSTR-1 kya hai? GSTR-1 File कैसे करें?

GSTR 1 वह दस्तावेज है जिसमें विक्रेता द्वारा खरीददार को की गयी सभी selling Information चाहे वो B2B हो या B2C  या फिर और कोई , देनी होती है। शरल सब्दों में कहा जाये तो एक महीने या फिर एक तिमाही के अंदर जितनी भी Sales हुई है। उसकी पूरी Information को GSTR 1 में File किया जाता है। 

GSTR-1 उन सभी व्यापारियों को फिल करनी होती है। जो Tax पे करते हैं या GST में पंजीकृत हैं।
1.5 करोड़ से ऊपर टर्नओवर वालों को Monthly GSTR-1 File करनी होती है। और जिसकी वार्षिक टर्न ओवर 1.5 करोड़ से नीचे है , वे सभी लोग इसे Monthly या Quaterly भी File कर सकते हैं।

वे लोग जो monthly pay करते हैं उन्हें जिस महीने में सेल की गयी उसके अगले महीने की 10 तारीख को GSTR 1 Return File करनी होती है।
और वो लोग जो Quaterly File करते हैं वो लोग जिस Quaterly की File करना चाहते हैं उसके अगले मंथ की लास्ट डेट तक कर सकते हैं।

इन व्यक्तियों को GSTR 1 File करने से छूट दी गयी है।

1.Input service Distributors.
2.Composition Dealers.
3.Suppliers of Online
information and database access or retrieval services (OIDAR) , who have to pay tax themselves (as per section 14 of the IGST Act)
4.Non-resident taxable persion.

GSTR 1 में दी जाने वाली जानकारियां- 

Provide GSTIN- सबसे पहले अपना GSTIN प्रदान करें , अगर GSTIN ना हो तो उसकी जगह Provisional id का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। 
इसके बाद वाले section में करदाता का लीगल नाम लिखा जायेगा , सामान्यतया GST Portal में प्रवेश के समय करदाता का नाम ऑटो-पॉप्युलेट लिखा होता है।
अब आपको पिछले वित्तीय वर्ष में किये गए कुल कारोबार यानि Turnover की जानकारी देनी है। यह जानकारी आपको पहले ही वर्ष दे देनी है। जब आप पहली बार GST return भर रहे हों। 
Taxable outward supplies made to registered persons (including UIN holders)- इसमें उन सभी आपूर्ति का उल्लेख करना होगा , जो Business 2 Business में आती है। यँहा पर B2B का मतलब है की आप भी आप भी GSTR File करते हैं और आपने जिसको Sale की वह भी GSTR File करता है।
Taxable outward Inter-State Supplies to UN-registered persons where the Invoice value is more than Rs. 2.5 Lakh- इसमे अपंजीकृत व्यापारियों को यानि की जो GSTIN में रजिस्टर्ड नही हैं। को दी गयी सभी आपूर्तियों के विवरण की जानकारी Invoice के हिसाब से बतानी है , और राज्य के बाहर गैर-पंजीकृत व्यापारियों को की गयी 2.5 लाख रुपए की राशि से अधिक की बिक्री की जानकारी देनी होगी।
Zero-Rated Supply and Export explained- इसमें सभी प्रकार के Zero Rates आपूर्तियों , निर्यातों और निर्यात स्पष्टीकरण की पूरी जानकारी देनी होती है , इसके साथ ही एक पंजीकृत व्यापारियों को दिए गए चालान , निर्यात बिल या बिल के विवरण की भी जानकारी देनी होगी।
All Sales details made during the month will be given- इस section में सभी प्रकार Sales की Details देनी होगी , जो महीने के दौरान की गई है।
Nil-rated , Exempt and Non-GST outward supplies- अन्य सभी प्रकार की आपूर्तियों , जो चाहे 0 रेट्स की हों , छूट हो या गैर GST हो उन सभी को इस सेक्शन के अंतर्गत लिखना होगा , इसमे वे भी शामिल हैं। जो ऊपर की जरूरतों के तहत रिपोर्ट नहीं की गई है।
Amendments to taxable outward Supply details furnished in returns for eartier tax periods in table 4 , 5 and 6 ( Including current and amended debit notes , credit notes , and refund vouchers )- पंजीकृत विभागों सेब सम्बंधित पिछले महीने के बिक्री आकड़ो में किया गया कोई भी सुधार इस section में लिखा जायेगा , सभी डेबिट नोट्स , क्रेडिट नोट्स और रिफंड वाउचर को भी यंहा दर्ज किया जायेगा।
Amendments to taxable outward supplies to unregistered persons furnished on returns for earlier tax periods- Point 9  में पिछले return में प्रस्तुत पंजीकृत डीलर को आपूर्ति के विवरण की बात कही गई है , जबकी इस पॉइंट में पहले के return में उपलब्ध कराए गए-पंजीकृत डीलरों के विवरण में सुधार के बारे में जानकारी देनी है।
Consolidated Statement of Advances Received or adjusted in the current tax period , plus amendments from earlier tax periods- मौजूद अवधि के दौरान उठाये गए Invoice के मुकाबले पिछली अवधि के दौरान प्राप्त की गयी सभी अग्रिमो और समझौतों का उल्लेख इस सेक्शन में करना होगा।
HSN-Wise summary of Outward supplies- इस सेक्शन के लिए एक पंजीकृत डीलर होना आवश्यक है। इसमें बेचीं गयी जानकारी HSN कोड के अनुसार होती है।
Documents issued during the tax period- इस पॉइंट में आपको टैक्स की अवधि में सभी Issue किये गए चालानों को add करना है , जैस कोई भी संसोधित चालान , डेबिट नोट्स , क्रेडिट नोट्स आदि का वितरण शामिल करना होगा और उसके बाद आप जो टैक्स pay कर रहे हैं , उसकी जानकारी देनी होगी।

GSTR-1 को File कैसे करें?--

सबसे पहले GSTN portal में अपना Username और पासवर्ड डालकर लॉगिन करें।
अब होम पेज में सबसे ऊपर मौजूद सर्विस के ऑप्शन पर क्लिक करें , उसके बाद Return का Option दिखेगा , उस पर Click करें।
अब आपके सामने रिटर्न्स का डैशबोर्ड होगा , उसमें से आपको उस Financial year और महीने को सेलेक्ट करना है , जिसका आप return भर रहे हैं , उसके बाद Search पर क्लिक कर दें।

दोस्तों यँहा पर ज्यादातर लोग ये गलती कर देते हैं कि उनको GSTR-1 monthly adobt करनी थी पर उन्होंने Quaterly adobt कर ली या फिर Quaterly adobt करनी थी पर monthly adobt कर ली।

तो इस समस्या को आप इसी जगह पर सुलझा सकते हैं। आपको नीचे Edit का ऑप्शन मिलेगा जिस पर क्लिक कर के आप इसे Quaterly या Monthly कर सकते हैं। पर आप ये तभी कर सकते हैं। जब आपने अभी तक कोई भी GSTR-1 नही File की अन्यथा आप इसे Aprail में ही Update कर पाएंगे।
                     
gstr 1 kya hai


जैसे ही आप search पर क्लिक करके Return डैशबोर्ड पर आते हैं। आपके सामने कई सारे ऑप्शन खुल जाते हैं।

उसमें से आपको GSTR-1 को चुनना है। GSTR-1 में आप Supplies यानी की Sale के डेटा को File करते हैं। और अगर आपकी Invoices 500 से ज्यादा हैं तो आपको Prepare offline mode में prepare करनी होती है। अगर आपकी Invoices 500 से कम हैं तो आपको Online mode से Prapare करनी होती है।

इसके बाद आपको एक Return फॉर्म दिखेगा , उसमें आपको माँगी गयी सारी डिटेल्स भरनी है जो ऊपर बतायी गयी हैं।
अब सारी मांगी गई डिटेल्स को भरकर Invoice और सारी रसीदों को Add कर दें या उन्हें डायरेक्ट अपलोड कर दें।

अब सबमिट करने से पहले सारी जानकारियां अच्छी तरह पढ़ लें और सबमिट करने के बाद Form को एक बार फिर से पढ़ लें अब File GSTR-1 पर क्लिक कर दें।
आखिर में आपको E-sign और Digital sign डालकर yes के Option को select करते हुए आपको GSTR-1 File कर देना है।
आपका GSTR-1 File करने का प्रूफ आपको लॉस्ट में मिलेगा , वह एक Acknowledgement Reference Number (ARN) होगा।

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