Z Security kya hoti hai? कंगना रनौत को मिली Y श्रेणी सुरक्षा क्या है?

सुरक्षा की बात की जाये तो आपके दिमाग में कई तरह सुरक्षा आती होंगी जैसे की देश की , आम नागरिक , नेता , मुख्यमंत्री या किसी सेलेब्रेटी की सुरक्षा की सुरक्षा। जिस प्रकार देश की सुरक्षा के लिए BSF , CRPF , ITBP और Indian Air Force होती है। उसी प्रकार किसी नेता , फ़िल्मी कलाकार , प्रधान मंत्री , मुख्यमंत्री , आम नागरिक की सुरक्षा की सुरक्षा के लिए SPG , NSG , Z+ सुरक्षा , Z सुरक्षा , Y सुरक्षा , X सुरक्षा और स्थानीय पुलिस होती है। 

सुरक्षा व्यवस्था को 4 श्रेणियों में बाँटा गया है-
भारत में Z+(उच्चतम स्तर) , Z , Y और X श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाती है। यँहा की सरकार इसका निर्धारण करती है। कि किसको किस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करनी है। सरकार यह सुरक्षा राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री से लेकर आम नागरिक किसी को भी प्रदान कर सकती है। हालांकि प्रधानमंत्री , राष्ट्रपति , सुप्रीमकोर्ट , हाइकोर्ट के जज , कैबिनेट मंत्री और मुख्यमंत्री सुरक्षा के पात्र हो ही जाते हैं।
                   

z security kya hoti hai

जिस भी व्यक्ति को जान का खतरा होता है। और उसे यह महसूस होता है कि उसे सुरक्षा चाहिए तो वह सरकार से इसके लिए आवेदन करता है और सरकार ख़ुफ़िया एजेंसियों के जरिये पता करती है कि सम्बंधित व्यक्ति सुरक्षा का पात्र है या नहीँ। यदि पुष्टि होती है तो सुरक्षा प्रदान करायी जाती है। इसमें गृह सचिव , महानिदेशक और मुख्य सचिव की समिति तय करती है। कि सम्बंधित व्यक्ति को किस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाये।

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अभी हालहीं में गृह मंत्रालय द्वारा कँगना रानौत को Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गयी है। आज हम आपसे सुरक्षा के बारे में निम्न बिंदुयो पर बात करेंगे जैसे कि- 

  • Z सिक्योरिटी क्या होती है?
  • Z+ सुरक्षा क्या है?
  • Y श्रेणी सुरक्षा क्या है?
  • X श्रेणी सुरक्षा क्या है?
  • SPG सुरक्षा क्या है?        

Z सिक्योरिटी क्या होती है? 

Z श्रेणी की सुरक्षा में 4 से 5 NSG कमांडो सहित 22 सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। इसमें दिल्ली पुलिस , ITBP या CRPF के कमांडो और स्थानीय पुलिस कर्मी भी शामिल होते हैं। Z सिक्योरिटी में एक एस्कॉर्ट कार भी शामिल होती है। कमांडोज के पास मशीन गन और आधुनिक संचार के माध्यम भी होते हैं। इन्हें मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी जाती है।

यह सुरक्षा उन VIP या VVIP को दी जाती है। जिनकी जान जाने का खतरा होता है। या उनकी जान जाने से देश को नुकसान पहुँचता है।

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Z+ सुरक्षा क्या है? 

Z+ सिक्योरिटी भारत की सबसे बड़ी VIP सुरक्षा सेवा है। इसका गठन 8 अप्रैल 1985 में किया गया था। इसमें शामिल जवानों को एक विषेश प्रकार की ट्रेनिंग दी जाती है। यह सबसे सख्त और कड़ी सुरक्षा श्रेणी में आती है। Z+ सिक्योरिटी में 36 सुरक्षा कर्मी होते हैं। इनमें 10 NSG और SPG कमांडोज होते है , साथ ही कुछ पुलिस भी शामिल होती है। इसमें ITBP और CRPF के जवान भी सुरक्षा में तैनात होते हैं। इसमें पहले घेरे की जिम्मेदारी NSG कमांडोज की होती है जो चारों दिशाओं की गतिविधि को बारीकी से देखते हैं। और किसी अन्य व्यक्ति को घेरे में जाने नही देते हैं। दूसरे घेरे में SPG कमांडोज होते हैं। इसमें एस्कार्ट कार और पायलट वाहन भी दिए जाते हैं।
इस सिक्योरिटी के कमांडोज के पास Koch PSG1  sniper rifles , German Hackler & Koch MP5 submachine guns , Austrian Glock-17 Pistols और Swiss SIG SG ss1 assault rifles होती हैं। साथ में कमांडोज ड्यूटी के दौरान High Gred Bullet Pruf जैकेट भी पहनते हैं।
अगर Z+ Security के बजट की बात की जाये तो इसका साल भर का बजट तकरीबन 300 करोड़ के आस-पास पहुँचता है। देश की महंगी सुरक्षाओं में इसे गिना जाता है।

Y श्रेणी सुरक्षा क्या है? 

Y श्रेणी सुरक्षा में दो तरह की सुरक्षा प्रदान की जाती है एक Y श्रेणी सुरक्षा और दूसरी Y+ श्रेणी सुरक्षा।
Y श्रेणी की सुरक्षा में 11 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं। इसमें 2 PSO (Personal security officer) और 1 से 2 कमांडो होते हैं।
इस सुरक्षा का एक महीने का बजट लगभग 10 से 15 लाख रुपए होता है। भारत में इस श्रेणी की सुरक्षा पाने वाले लोगों की संख्या काफी है।

X श्रेणी सुरक्षा क्या है? 

X सिक्योरिटी सबसे बेसिक लेवल का प्रोटेक्शन है। इसमें शिर्फ 1 आर्म्ड फ़ोर्स का जवान और एक सिक्योरिटी ऑफिसर होता है। इसमें कोई कमांडो नही तैनात होता है।
वर्तमान में भारत के विभिन्न VVIP व्यक्ति को यह सुरक्षा प्राप्त है।
इस सुरक्षा में VIP को नुकसान पहुँच पाना मुश्किल होता है।

SPG सुरक्षा क्या है? 

वर्ष 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मृत्यु के पश्चात उच्च पदों पर बैठे लोगों की सुरक्षा काफी महत्वपूर्ण विषय बन गया था। वर्ष 1985 में इस मुद्दे पर विचार करने हेतु बीरबल समिति का गठन किया गया , जिसने मार्च 1985 में इस विशेष कार्य हेतु एक सुरक्षा इकाई SPU(Special protection unit) की स्थापना का सुझाव दिया।
इसके बाद ही वर्ष 1985 में ही इसका पुनः नामकरण करके SPG कर दिया गया।
तीन वर्षों तक SPG ने कार्यकारी आदेशों के तहत काम किया , जिसके बाद वर्ष 1988 में संसद ने SPG अधिनियम पारित किया परंतु उस समय इस अधिनियम में पूर्व प्रधानमंत्री को SPG सुरक्षा देने हेतु कोई प्रावधान नही था।
वर्ष 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की हत्या के बाद इस अधिनियम में संसोधन किया गया एवं इसमें पूर्व प्रधानमंत्री व उनके परिवारों के लिए SPG सुरक्षा से जुड़ा प्रावधान शामिल किया गया , परंतु यह मात्र 10 वर्षों के लिए ही था।
वर्ष 2003 में वाजपेयी सरकार ने अधिनियम में संसोधन कर इस 10 वर्षीय अवधि को 1 वर्ष में परिवर्तित कर दिया। 2003 के संसोधन के अनुसार , इसमे प्रावधान किया गया कि 1 वर्षीय अवधि पूरी होने के पश्चात SPG सुरक्षा को ख़त्म करने और इसकी अवधि को बढ़ाने का निर्णय केंद्र सरकार द्वारा सम्बंधित व्यक्ति पर खतरे के स्तर के आधार पर लिया जायेगा।
साथ ही अधिनियम में यह प्रावधान भी है कि पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार वाले चाहे तो इससे इनकार कर सकते हैं।

SPG(Special Protection group विशेष सुरक्षा दल) का मुख्यालय नई दिल्ली में है। इसके जवानों का चयन पुलिस , पैरा मिलेट्री फ़ोर्स (BSF , CISF , ITBP , CRPF) से किया जाता है। चयनित जवानों को बहुत कठिन वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। इन्हें वही ट्रेनिंग दी जाती है जो यूनाइटेड स्टेट सर्विस एजेंट्स को दी जाती है।
SPG के कमांडोज ऑटोमैटिक गन FNF 2000 असॉल्ट राइफल से लैस होते हैं।
कमांडोज के पास ग्लोक 17 नाम की एक पिस्टल भी होती है। ये बुलेट प्रूफ जैकेट पहनते हैं। इसमे सभी कमांडो एक दूसरे से बात करने के लिए कान में लगे ईयर प्लग या फिर वॉकी-टॉकी का सहारा लेते हैं।
SPG के प्रमुख का पद तीन साल के निश्चित कार्यकाल के लिए बनाया गया है। SPG Force कैबिनेट सचिवालय के तहत काम करती है। इसका प्रमुख डायरेक्टर रैंक का IPS अफसर होता है। इसका मुख्यालय PM हाउस में ही होता है।

Conclusion- 

इस पोस्ट के माध्यम से आपने Z security kya hoti hai और साथ में Z+, X , Y , SPG सुरक्षा क्या है? इनके बारे में भी अच्छी जानकारी प्राप्त कर ली है। उम्मीद करता हूँ मेरी यह पोस्ट आपको पसंद आयी होगी। आपको कैसी लगी इसे हमें comment section में बता सकते हैं। और साथ में यदि आपको अब भी सिक्योरिटी को लेकर मन में कोई Doubt या Question है। तो आप उसे हमसे बेझिझक पूँछ सकते हैं। धन्यवाद!

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