Type Here to Get Search Results !

26 जनवरी रिपब्लिक डे पर निंबध हिंदी में। republic day essay in hindi

0

रिपब्लिक डे यानी कि 26 जनवरी यानी कि भारत के स्वतंत्रता दिवस के पावन उपलक्ष्य में इस पोस्ट के माध्यम से निंबध के जरिए जानिए 26 जनवरी 1929 से शुरू होकर 26 जनवरी 1950 तक चली भारत की स्वाधीनता एवं गणतंत्र बनने तक की कहानी ।

रिपब्लिक डे पर हिंदी में निंबध के माध्यम से हम आपको भारत के इस प्रमुख राष्ट्रीय पर्व के इतिहास से लेकर गणतंत्र स्वराज्य बनने तक की पूरी गाथा बताने जा रहे हैं। 

26 जनवरी पर हिंदी में निंबध के माध्यम से हम हमारे देश की अखंडता, एकजुटता एवं आत्मनिर्भरता के बारे में भी बतायेंगे।

गणतंत्र दिवस पर हिंदी में निंबध के माध्यम से हम आपको यह भी बतायेगे की कैसे और क्या संघर्ष करने के बाद हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत को एक राष्ट्र के रूप में 26 जनवरी के दिन पहचान दिलाई, तो चलिए हमारे साथ और republic day essay in hindi के माध्यम से जानिए पूरी बात को।


Republic day essay in hindi
 Republic day essay in hindi.

26 जनवरी पर निंबध हिंदी में। republic day essay in hindi.(1300+ शब्द)


 हमें आपको यह बताते हुए काफी खुशी महशूस हो रही है कि आज 26 जनवरी 2021 को भारत अपना 71 वाँ गणतंत्र दिवस मना रहा है यह किसी भी भारतीय के लिए गर्व और सम्मान की बात है।
आइये रिपब्लिक डे से संबंधित कुछ बातो को बताते हैं।

भारतीय गणतंत्र दिवस कोई साधारण दिवस नही है इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में रखने की बहुत पुरानी कहानी हैं।


भारतीय गणतंत्र दिवस (republic day) का इतिहास।

दिसंबर 1929 में लाहौर कांग्रेस अधिवेशन में पंडित जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में भारत को स्वाधीन राज्य बनाने की माँग उठी इस अधिवेशन में यह बात उठी की अगर 26 जनवरी 1930 तक ब्रिटिश सरकार भारत को पूरी तरह से स्वतंत्र करें हालांकि इस बात पर ब्रिटिश सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया न होते देखकर तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष पंडित नेहरू ने 26 जनवरी 1930 को भारतीय स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाने लगें। और जब भारत 1947 में आजाद हुआ तब से 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

भारत आजाद तो 15 अगस्त 1947 को हो गया था लेकिन भारत को गणतंत्र का दर्जा 26 जनवरी 1950 को मिला था। अपने बहुत सारे प्रयासों के दम पर संविधान निर्माताओं ने संविधान को 2 साल 11 महीने 18 दिनों में बनाया था। 

यह वही संविधान था जिसे लागू करने से भारत को गणतंत्र राज्य के रूप में 26 जनवरी 1950 को पहचान मिली।

भारत का संविधान जिससे भारत को गणतांत्रिक राज्य की संज्ञा मिलती है दुनिया का सबसे बड़ा हस्तलिखित संविधान है।

गणतंत्र दिवस पर भव्य कार्यक्रम।

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के रायसीना हिल्स से लेकर राजपथ तक बहुत धूम धाम से भव्य कार्यक्रमों को दिखाया जाता है।

रिपब्लिक डे के दिन भारत के अलग अलग राज्य अपने यहाँ की धार्मिक, कल्चरल,और विशेष झांकियां को कार्यक्रम को राजपथ पर दिखाते है। ऐसा करने से एकता,अखंडता, और आत्मनिर्भरता का संदेश देश के एक एक नागरिक तक पहुँचता है।

साथ ही में रिपब्लिक डे के दिन भारत की तीनों सेनाओं की विशेष टुकड़ी भी हिस्सा लेती है जिनमें पैदल सैनिक, मार्चपास्ट, विभिन्न प्रकार के शक्ति प्रदर्शन करते हुए जवानों की टुकड़ी, साथ ही में भारतीय सेना की ताकत दिखाने के लिए विशेष हथियारों आदि का प्रदर्शन किया जाता है।

रिपब्लिक डे पर रंगमंच के कार्यक्रम।

रिपब्लिक डे के दिन भारत के लगभग सभी राज्यों से अलग अलग स्कूलों के छात्र और छात्राओं द्वारा राजपथ पर विशेष रंगमंच का कार्यक्रम किया जाता ह।

इसके अलावा भारत के विभिन्न हिस्सों से आये आदिवासी समुदाय के लोग भी नृत्य अथवा गायन करके 26 जनवरी को राजपथ को एक बार फिर से मंत्रमुग्ध कर देते हैं।

इसके अलावा हमारे देश की महिला और पुरुष जवानों का एक साथ मार्चपास्ट करना देश के कोने कोने को गर्व से भर देता है।

गणतंत्र का मतलब क्या होता है?

जैसा कि हम सभी को मालूम है कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है तो ऐसे में आखिर गणतंत्र है क्या तो दोस्तों गणतंत्र का मतलब होता है प्रजा के लिए प्रजा के द्वारा किया जाने वाला शासन गणतंत्र कहलाता है।

गणतंत्र दिवस पर विदेशी अतिथि को निमंत्रण।

भारत वसुधैव कुटुम्बकम को हमेशा आदर करता है और शायद इसीलिए भारतीय गणतंत्र दिवस पर किसी न किसी खास विदेशी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या अधिकारी को भारत के इस राष्ट्रीय पर्व में शामिल होने के लिए बुलाया जाता है। 

जैसे जब भारत का पहला गणतंत्र दिवस 26 जनवरी1950 को मनाया गया तो उस साल इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो को बुलावा भेजा गया था और वह इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। 

इसी तरह पिछले वर्ष 2020 में भारत के गणतंत्र दिवस पर ब्राजील के राष्ट्रीपति जैल बोलसनारो शामिल हुए थे।

26 जनवरी 2021 को भारतीय गणतंत्र दिवस के मौके पर चीफ गेस्ट कौन हैं।

इस साल 26 जनवरी 2021 को इंग्लैंड के राष्ट्रीपति बोरिस जॉनसन चीफ गेस्ट के तौर पर भारतीय गणतंत्र दिवस के मौके पर शामिल होंगे।

26 जनवरी को राष्ट्रपति कहाँ झंडा फहराते हैं?

गणतंत्र दिवस संवैधानिक दिवस होने के कारण भारत के संवैधानिक प्रधान के रूप में भारत के राष्ट्रपति राजपथ पर झंडा फहराते हैं। जैसा कि 26 जनवरी 1950 को भारत का गणतंत्र लागू हुआ था तथा गणतंत्र का प्रधान राष्ट्रपति होने के नाते यह मौका राष्ट्रपति को ही मिलता है कि वह राजपथ पर झंडा फहराएं।

गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति के द्वारा भोज के लिए प्रधानमंत्री और विदेशी समकक्ष को निमंत्रण दिया जाता है।

गणतंत्र दिवस के दिन भारत के गणतांत्रिक प्रमुख के नाते भारत का राष्ट्रपति अपने विदेशी समकक्ष और प्रधानमंत्री को औपचारिक तौर पर भोज कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित करता है जिसमें सबसे पहले राष्ट्रपति भवन के दोनों मेहमानों का औपचारिक स्वागत खुद राष्ट्रपति करता है।

भारत के गणतंत्र पर आधारित संविधान की प्रस्तावना के प्रमुख शब्द क्या है ?

तो क्योंकि भारत अगर गणतांत्रिक है तो इसलिए  क्योंकि यहाँ पर संविधान को अंगीकृत गया है ऐसे में भारत के संविधान के कुछ प्रमुख शब्द भी जानने चाहिए जो इस प्रकार हैं।

हम भारत के लोग,भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व संपन्न,समाजवादी, पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक बनाने के लिए तथा उसके सभी नागरिकों को न्याय,सामाजिक, राजनीति एवं आर्थिक विचार, अभिव्यक्ति,विश्वास,धर्म और उपासना की स्वतंत्रता,प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा उन सबमें व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करनेवाली बंधुता बढाने के लिए दृढ़संकल्प होकर आज की इस संविधान सभा में दिनांक 26 नवंबर 1949 ई0  को एतद द्वारा इस संविधान को अंगीकृत,अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।


रिपब्लिक डे essay in hindi का उपसंहार। 

Republic day essay in hindi का यह उपसंहार पृष्ठ है इसमें हम भारत के गणतंत्र दिवस के निष्कर्ष से क्या शिक्षा मिलती है जानेंगे।

1.दिल्ली की परेड भारत के गणतंत्र दिवस को खास बनाती हैं? 

दिल्ली की विश्व प्रसिद्ध गणतंत्र परेड भारत के विभिन्न स्थानों के निवासियों की सभ्यता, एकजुटता, और आत्मविश्वास की गवाही देती है। अलग अलग राज्य प्रदेश से आये लोग दिल्ली परेड में शामिल होकर अपने क्षेत्र विशेष के महत्व को दुनिया से अवगत कराते हैं।

इसके अलावा हमारे वीर सैनिक भी अपना दमखम दुनिया को दिखाते हैं। साथ ही मेंं भारतीय सेना अपने शौर्य के साथ साथ दुनिया को आपसी मेलजोल सद्भावना का संदेश भी मात्र कुछ पलों में दिल्ली के परेड से दे जाती है।

2.विविधता में भी एकजुटता, आत्मनिर्भरता, और महान देश का प्रतीक है भारतीय गणतंत्र दिवस।

भारत का गणतंत्र दिवस मात्र परेड और आधुनिकता तक सीमित नहीं है बल्कि यह हमारी देश की विविधता भरे माहौल में भी एकजुटता का प्रतीक है।

एक महान व्यक्ति ने कहा था कि जब संसार की सभी सभ्यताएं पालने में थी तब भारतीय सभ्यता यौवन में थी यह बिल्कुल सत्य है।

हमारा देश यहाँ के कर्मठ व्यक्तियों से अब आत्मनिर्भर बनने की राह पर है।

3. वसुधैव कुटुम्बकम पर आधारित भारतीय गणतंत्र दिवस।

भारतीय संस्कृति आज भी वसुधैव कुटुम्बकम पर आधारित है इस बात का प्रमाण है भारतीय गणतंत्र दिवस। हर साल भारतीय गणतंत्र दिवस पर दुनिया के देशों से वहाँ के राष्ट्राध्यक्षों को निमंत्रण भेजा जाता है।

4.भारत का गणतंत्र दिवस भारत के नागरिकों को क्या सीख देता है?

भारत का गणतंत्र दिवस भारत के सभी नागरिकों को स्वचछता,एकता, ज्ञान,आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की सीख देता है। भारत के सभी नागरिकों को चाहिए कि वह देश को स्वचछ रखने में सरकार का साथ दें, आपस में भाइचारा रखें भारत के विकास के लिए भारतीय बनें,ज्ञानी बनें खुद से विकास करें, आत्मविश्वासी बनें,और भारत को आत्मनिर्भरता प्रदान करें।


दोस्तों तो यह था republic day essay in hindi रिपब्लिक डे पर निबंध हिंदी में आपको कैसा लगा हमें जरूर बताएं और इस पोस्ट को शेयर करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग गणतंत्र दिवस के निबंध को पढें और इससे सीख लें। निबंध पढने के लिए धन्यवाद।

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां