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LED bulb kaise banta hai ?

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एक LED bulb कैसे बनता है, एक LED बनाने के लिए किन चीजों की जरूरत होती है,कैसे इसेे इतना मजबूत बनाया जा सकता है वगैरह-वगैरह। 

अगर ऐसे ही सवाल आपके भी है और आप उत्तर खोजने का प्रयास कर रहे हैं तो मुझे आपको बताने में खुशी हो रही है कि आप सही जगह पर है, इस पोस्ट के माध्यम से आज हम आपके सामने एक प्रीमियम दर्जे की जानकारी ले कर आएं है जिसका शीर्षक है LED bulb kaise banta hai जिसकी मदद से LED bulb से संबंधित पूरी जानकारी देने वाले हैं।

तो चलिए शुरू करते हैं आज की पोस्ट।

पिछली पोस्ट में हमने बताया था कि कागज कैसे बनता है एवं लोहा कैसे बनता है।

                                       

Led bulb kaise banta hai
 LED bulb kaise banta hai?

LED bulb कैसे बनता है?

LED bulb बनाना आसान है अगर यह समझ में आ जाये तो। चलिए आसानी से समझ में आ जाएं ऐसे तरीकों से बताते हैं।

सबसे पहले जैसा कि आपको भी पता होगा कि LED bulb बहुत से components से मिलकर बनता है, इसलिए सबसे पहले हमें उन components के बारे में जानना चाहिए जो आपस में मिलकर एक मजबूत और टिकाऊ LED bulb का निर्माण करते हैं ।

LED bulb खासतौर पर 6 या इससे ज्यादा पार्ट्स में बनता है जिनके नाम कुछ इस प्रकार है- Fixture,Diffuser,Holder,Driver PCB,LED PCB,MPCB है यही पार्ट्स है जो LED bulb का निर्माण करते हैं।

आइये जानते हैं कि इन 6 components को कैसे assemble करके एक LED bulb का निर्माण किया जा सकता है।

  1. Fixture- इसे बॉडी भी कहते हैं,जिसपर LED bulb का आधार होता है।
  2. Diffuser- यह लैंप नुमा आकार का एक फाइबर युक्त रोशनदान होता है जिसकी मदद से प्रकाश 360° पर घूमता है।
  3. MPCB- यह एक लम्बी परतनुमा पट्टी होती है जिसपर AC एवं DC capacitor लगाए जाते हैं।
  4. Driver PCB- एक प्रकार से यह LED bulb का हृदय होता है। यहीं पर इस प्रकार के बल्ब का परिचालन होता है, driver PCB को चलाने के लिए capacitor,NTC,Diode, Resistor,polyester capacitor का उपयोग किया जाता है।
  5. LED PCB- यह एक plate नुमा आकार की aluminum से बनी हुई होती है,bulb की सारी LED lights इसी जगह लगी होती है।
  6. Holder- यह सबसे अंतिम component होता है जो LED bulb में करेंट प्रवाह करने के लिए मेन bulb को मेन स्विच से जोड़ता है.
तो दोस्तों यह है मेन कम्पोनेंट जिनकी मदद से LED bulb बनाया जा सकता है। अब मुझे पूरी उम्मीद है कि आपको LED bulb kaise banta hai से संबंधित सवाल का जवाब मिल गया होगा।
आइए LED के बारे में और जानते हैं।

Bulb kaise banta hai?

एक बल्ब कैसे बनता है यह जानने के लिए सबसे पहले आपको जानना होगा कि आखिर बल्ब किन चीजों से मिलकर बनता है तो जी हाँ बल्ब बनाने के लिए तीन चीजों की आवश्यकता होती है पहला- Glass bulb,filament,base यह तीनो चीज ही जरूरी होती है । चलिए अब बल्ब बनाना सीखते हैं।

1.Base holder: होल्डर जी हाँ यह सबसे जरुरी चीज है इसके अंतर्गत दो तार एक प्लास्टिक की लम्बी और गोलाकार बनी चीज जिसे होल्डर कहते हैं डाला जाता है और उसे फिर आगे फिलामेंट से जोडा़ जाता है।

2.Filament: यह ताबें के हल्के तार का बना जाल होता है जिसमें तार को एक स्प्रिंग नुमा तार से जोडा़ जाता है जोकि बेस पर होल्डर से जुड़ा हुआ होता है।

3.Glass bulb: यह काँच का बना मुख्य बल्ब होता है जो फिलामेंट को चारो ओर से घेरकर होल्डर मे जुड़ा रहता है।

अब यही तीनों आधार पर ही बल्ब बनाया जाता है।

LED bulb kya hai?

LED bulb एक प्रकार का प्रकाश उत्पादक डायोड होता है जो प्रकाश उत्पन्न करता यह CFL और सोडियम बल्बों से बिल्कुल अलग होता है, यह बिजली की कम खपत में भी प्रकाश उत्पादन करता है।

LED bulb का full form.

LED bulb का फुल फार्म Light emitting diode होता है।


LED bulb का इतिहास, शुरुआत कैसे हुई।

LED bulb की शुरुआत अभी 2006 में हुई थी, हालांकि इसका इतिहास करीब 100 साल पहले हुई थी। चलिए जानते हैं कि कैसे। 

1. हेनरी जोसेफ : ब्रिटिश प्रयोगकर्ता ने सन् 1907 में मारकोनी प्रयोगशाला में एक बार प्रयोग करते हुए देखते हैं कि अगर एक 10 vlts का करेंट silicon carbide पर डाला जाता है तो एक पीली रोशनी जल उठती है,लेकिन यह विचार पर आगे अमल नहीं किया गया था।

2.Oleg Vladimirovich Losev: जोसेफ की theory के अगले 20 साल बाद 1927 मेन एक रेडियो टेक्निशियन और रूस के निवासी Oleg Vladimirovich Losev ने देखा की radio reciver में लगे diode से जब बिजली पास होती है तो वे चल उठते है।

3. Rubin braunstine :जो कि अमेरिका की एक रेडियो कारपोरेशन में थे, 1955 में रिपोर्ट करते हैं कि एक सिंपल डायोड से जब बिजली गुजरती है तो वे infrared light से जल उठते हैं।

4.Robert biard / Gary Pittman : सन् 1961 में पाते है कि जब gallium arsenide diode से बिजली प्रवाह करती है तो एक infrared light का प्रकाश होता है। वे अपनी इस खोज का पेटेंट करा लेते हैं।

5.Nick holonyak junior : ने 1962 में पहली बार एक प्रकाश उत्तसर्जक डायोड का अविष्कार किया जो लाल एलईडी था।

6.M.George Crawford : एक छात्र थे,इन्होंने सन् 1972 में पहली बार एक पीले एलईडी लाइट का अविषकार किया था।

7.सूजी नाकामूरा : यह एक जापानी प्रयोगकर्ता थे इन्होंने पहली बार सन् 1979 में एक नीली एलईडी बल्ब का अविष्कार किया था, बाद में इसमें सुधार करके सफेद एलईडी का जन्म हुआ।

तो दोस्तों यह था एलईडी बल्ब का इतिहास उम्मीद है पसंद आया होगा।

Our conclusion.


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