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Plastic kaise banta hai?

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Plastic kaise banta hai अगर यह सवाल आपका भी है तो आप बिलकुल सही जगह पर आएं है। आज हम इस पोस्ट के माध्यम से plastic कैसे बनता है और प्लास्टिक बनने के दौरान तो क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है इन सब विषयों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।

नमस्कार दोस्तों sstechesa पर आपका स्वागत है चलिए रोज की तरह आज फिर से एक नई चीज सीखते हैं और आज की नया टॉपिक है प्लास्टिक कैसे बनता है (plastic kaise banta hai).

पिछली पोस्ट में हमने शेयर किया था चुंबक कैसे बनता है और उसके बाद इंद्रधनुष कैसे बनता है आज की पोस्ट प्लास्टिक के बारे में चलिए पढना शुरू करते हैं।



Plastic kaise banta hai?

प्लास्टिक कई तरीकों से बनाया जाता है जिसमें कोयला, सेल्ययुलोज,नमक, प्राकृतिक गैस और कच्चा तेल प्रमुख होता है। औसतन कच्चा तेल ही प्लास्टिक बनाने में सबसे ज्यादा उपयोगी होता है, लेकिन कच्चे तेल से प्लास्टिक बनाना बहुत जटिल प्रक्रिया होती है इसमें कई केमिकल रिएक्शन करने के बाद ही प्लास्टिक का निर्माण संभव हो पाता है। चलिए कच्चे तेल से प्लास्टिक कैसे बनता है जानते हैं।

पृथ्वी के बहुत अंदर से कच्चे तेल को निकाला जाता है जिसका distillation होने के बाद 

1.Diesel
2.kerosene
3.Naphtha 
4. Gasoline

प्राप्त होता है। इसमें जो Naphtha होता है प्लास्टिक इसी से बनता है,हालांकि naphtha एक बहुत जटिल hydrocarbon होता है और सीधे तौर पर प्लास्टिक इससे नहीं बनाया जा सकता है प्लास्टिक बनाने के लिए naphtha का carbonic विखंडन किया जाता है। 

इसके लिए naphtha cracking centre में ले जाना होता है जहाँ पर-

Thermal cracking process
Quenching process
Compression process 
Refining process 

होता है जिससे कई गैस प्राप्त होती है उदाहरण के तौर पर ethylene, butadiene,propylene अब अगले प्रोसेस में इन गैसों को एक चैंबर में ले जाया जाता है जिसे polymerization chamber कहा जाता है।

यही वह जगह होती हैै जहाँ पर जिस भी प्रकार का प्लास्टिक पाना होता है उसे गैसों के आपसी रिएक्शन सेे monomers प्राप्त होते है जब यही monomers रिएक्शन के दौरान इकट्ठा होकर polymers कहते हैं और इस प्रोसेस को polymerization कहते हैं। और प्लास्टिक यही सेे प्राप्त होता है। यह प्लास्टिक कई प्रकार के होते है जैसे polythene, polystyrene,polycarbonate, आदि।

अब मुझे यकीन है कि आपको plastic kaise banta hai सें संबंधित सवाल का जवाब मिल गया होगा, चलिए अब प्लास्टिक के भूत,वर्तमान, और भविष्य की बात कर लेते हैं, अजी मजाक कर रहा हूँ चलिए प्लास्टिक के बारें में और पढतें हैं।
प्लास्टिक किस धातु से बनता है?

प्लास्टिक किस धातु से बनता है तो दोस्तों प्लास्टिक कोयला,सेल्युलोज,कच्चे तेल के कचड़ा से ही ज्यादातर प्लास्टिक का निर्माण होता है।

Plastic की शुरुआत कैसे हुई?

Plastic शब्द की उतपत्ति ग्रीक शब्द 'Plastikos' से हुई जिसका मतलब बनाना अथवा ढालना होता है। प्लास्टिक का अविष्कार सर्वप्रथम सन् 1855  में अलेक्जेंडर पार्क्स के द्वारा किया गया था। शुरूआत में इन्ही के नाम पर इसका नाम parkesine पड़ा।

प्लास्टिक कितने प्रकार के होते हैं?

मुख्य रूप में प्लास्टिक दो प्रकार के होते हैं-

Thermoplastic- यह प्लास्टिक निर्माण के बाद भौतिक रूपों में बदल जाता है। सीधे तौर पर कहें तो थर्मोप्लास्टिक एक ऐसा प्लास्टिक होता है जो गर्मी पाकर अलग अलग तरह से ढाला जा सकता है। यह reused, recycle किया जा सकता है। यानी की अगर हमको प्लास्टिक बैग पिघलाकर पानी के प्लास्टिक glass बनाने है तो ऐसा हम कर सकते हैं क्योंकि यह थर्मोप्लास्टिक के रूप में होता है।

उदाहरण- प्लास्टिक बैग, प्लास्टिक बोतल, पॉलीथिन, खिलौने आदि।

Thermosetting plastic- यह प्लास्टिक एक बार निर्माण के बाद दूसरे किसी भौतिक रूप में नहीं ढलते सीधे शब्दों में thermosetting plastic वह प्लास्टिक है जिसे reuse recycle नहीं किया जा सकता है।

उदाहरण- स्विच बटन,पॉलीस्टर,फेनोलिक आदि।

प्लास्टिक से क्या-क्या बनता है?

प्लास्टिक से क्या-क्या बनता है इसको जानना बहुत जरुरी है जब तक आप यह नहीं जानेंगे तब तक प्लास्टिक के बारे में आपका ज्ञान अधूरा ही रहेगा। तो चलिए जानते हैं कि प्लास्टिक से क्या बनता है।

1.पॉलीथिन- जी हां पॉलीथिन,जिसमें खाद्य पदार्थ रखें जाते हैं वह भी प्लास्टिक से ही बनती है।

2.टब- पानी रखने वाले सामान जैसे टब,मग,बाल्टी, आदि भी ज्यादातर प्लास्टिक बनता है।

3.खिलौने एवं बोतल- खिलौने शत प्रतिशत प्लास्टिक बनता है इसके अलावा पानी की बोतलें भी प्लास्टिक से ही बनती है।

4.गैजट्स- प्लास्टिक का उपयोग गैजेट्स मे भी होता है जैसे स्मार्टफोन,टैबलेट, आदि होते हैं।

इन सबसे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि लगभग हर एक वस्तु जिसका हम प्रतिदिन उपयोग करते हैं वह कहीं न कहीं प्लास्टिक से ही बनता है यानी कि हम प्लास्टिक के बिना ज्यादातर काम नही कर सकते हैं।

Case study question: क्या वाकई में प्लास्टिक की खोज इंसान की सबसे खतरनाक खोज है?

प्लास्टिक की खोज जब आज से करीब 250 से 300 साल पहले हुई तब इंसान ने यह नही सोचा होगा कि उसकी यह खोज भविष्य की सबसे क्रांतिकारी खोज होने वाली है।

और हुआ भी ऐसा ही प्लास्टिक हल्की,सस्ता, और टिकाऊ होने के कारण विश्व भर में बहुत ही लोकप्रिय हैं आप आसानी से हर एक जगह पर प्लास्टिक का साम्राज्य देख सकते हैं। 

लेकिन सवाल है कि क्या प्लास्टिक की सबसे क्रांतिकारी खोज क्या भविष्य में सबसे खतरनाक खोज तो नही साबित होगी।

मुझे लगता है कि जिसने भी यह सवाल पूछा होगा वाकई में बहुत बुद्धिमान है,और जी हाँ अगर हमने प्लास्टिक पर अपनी निर्भरता कम नही की तो आने वाले भविष्य में वह दिन दूर नहीं जब पृथ्वी को अंतरिक्ष से देखने पर वह प्लास्टिक के कचरे के डिब्बे के समान दिखेगी। 
आज यह आलम है कि समुद्र हमारे प्लास्टिक से पट गए है सडकों और चौराहे पर प्लास्टिक का अंबार लगा है जिसे पालतू जानवर खा रहे हैं और उनकी मृत्यु लगातार हो रही है,प्लास्टिक की वजह से जमीन की उर्वरा खतम हो रही है। 
इसका एक ही उपाय है प्लास्टिक से र्निभरता कम से कम की जाएं।

Conclusion.

Plastic kaise banta hai की इस पोस्ट से उम्मी है कि आपको पसंद आयी होगी। इस पोस्ट से संबंधित किसी भी सवाल का जवाब पाने के लिए कृपया कमेंं अथवा मेल करें।
पोस्ट पढने के लिए बहुत आभार।

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