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Kagaj kaise banta hai? कागज की पूरी जानकारी हिंदी में।

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अगर आप सर्च इंजन की मदद से कागज कैसे बनता है अथवा kagaj kaise banta hai खोज रहे हैं तो आप सही जगह पर हैं आज की इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि कागज कैसे बनाया जाता है,और इससे मिलते जुलते सभी टॉपिक को इस पोस्ट के माध्यम से ही कवर करेंगे।

नमस्कार दोस्तो sstechesa पर आपका स्वागत है चलिए पढतें है कि आखिर kagaj kaise banta hai। आपको बता दें कि पिछली पोस्ट में चुंबक कैसे बनता है एवं प्लास्टिक कैसे बनता है और इंद्रधनुष कैसे बनता है के बारे में बताया गया है आप उन्हें भी पढ़ सकते हैं।

तो चलिए पढ़ना शुरू करते हैं कि kagaj kaise banta hai.



कागज कैसे बनता है? Kagaj kaise banta hai। kagaj ka nirman kisse hota hai.

कागज को बनाने के लिए सबसे पहले जंगल से कई प्रकार के पेडों को काटकर कंपनी में लाया जाता है।कागज बनाने के लिए कुछ प्रमुख पेडों को ही चुना जाता है जिसमे- यूकेलिप्टस,बर्च,पोपलर इसके अलावा सन और कपास के रेशे भी कागज बनाने के लिए प्रमुख हैं।

पेडों का कागज बनाने में अधिक इस्तेमाल इसलिए किया जाता है क्योंकि इन पेडों की छालों में रेशे बहुतायत में पाए जाते हैं।

कंपनी में लाएं गए पेड़ों से मशीन के द्वारा छाल निकाल लिया जाता है उसके बाद पेड़ की छाल से जो चिप्स नुमा पीस निकाले जाते हैं उन्हें रिसाइकिल करने के बाद digester tank में डाल दिया जाता है जहाँ से प्रोसेस होकर कनवेयर बेल्ट से निकाल लिया जाता है।

अब बारी होती है प्रोसेस हो चुकी छाल को acid solution के माध्यम से उनसे wooden chips से वुडेन फाइबर और लिगनेन अलग हो जाते हैं जिसके बाद वुडेन फाइबर को पानी में अच्छे से साफ किया जाता है जिससे बचा हुआ acid solution साफ हो जाता है।

इसके बाद chlorine free bleaching करते हैं जिसके oxygen और peroxide के घोल में उसे मिलाते हैं जिससे वह वुडेन फाइबर पाउडर कागज बनाने के लायक हो जाता है।
और फिर इसे caco3 और पानी के साथ घोल दिया जाता है जिसके बाद पेपर की बड़ी-बड़ी सीटों को steam दिया जाता है जिससे यह कागज पूरी तरह से बन जाता है।

तो दोस्तों इस प्रकार कागज बनाया जाता है, उम्मीद है कि आपको आपके सवाल kagaj kaise banta hai या कागज का निर्माण कैसे होता है का जवाब मिल गया होगा। 

भारत में कागज बनाने की शुरुआत कब हुई?

भारत में कागज बनाने की शुरुआत अंंग्रेजो के काल में हुई थी सबसे पहले पश्चिम बंगाल में एक जगह है जिसका नाम श्रीरामपुर या सरोमपुर है वहीं पर सन् 1812 में पहली कागज मिल की स्थापना की गई थी, हालांकि कुछ कारणवश जिसमें कच्चे माल, और यातायात की खामियों के कारण जल्द ही यह मिल बंद हो गई। 

इसके बाद पश्चिम बंगाल में ही बालीगंज जो कलकत्ता के पास है वहाँ पर सन् 1867 में कागज की मिल लगाई गई जो बहुत सफल रही और यह मिल आज भी चलती है।

इसके बाद तो भारत में कागज की बहुत सी मिलों को लगाया गया जिनमें लखनऊ की पेपर मिल,टीटागढ़ की मिल आदि बहुत मशहूर है।

भारत की दो प्रमुख पेपर (कागज) मिल कौन सी है?

वैसे तो भारत में बहुत मिल है लेकिन जो सबसे दो प्रमुख हैं उनमें एक पश्चिम बंगाल मे टीटागढ़ पेपर मिल और दूसरी मध्यप्रदेश की नेपानगर कागज मिल है चलिए कारण जानते हैं।

1.टीटागढ़ पेपर मिल- यह मिल भारत में सबसे ज्यादा कागज का उत्पादन करती है।

2.नेपानगर पेपर मिल- यह भारत में अखबारी कागज का सबसे ज्यादा निर्माण करती है, यह पहली स्वदेशी पेपर मिल है।

कागज का उपयोग?

कागज एक बहुत जरुरी वस्तु है और इसका उपयोग हम प्रतिदिन की दिनचर्या में करते हैं चलिए जानते है कैसे।

1.लिखने में- कागज का बहुतायत में उपयोग लिखने के दौरान होता है जैसे छात्र किताब कॉपी में नोट बनाने के लिए उपयोग करते हैं, लेखक कहानी लिखने के लिए कागज का उपयोग करते हैं, डिजाइनर डिजाइन बनाने में कागज का उपयोग करते है।

2.सजावट में- आपको जानकर हैरानी होगी कि कागज का बड़ी संख्या में उपयोग सजावट के दौरान होता है, इसमें रंग बिरंगे कागज को उपयोग किया जाता है।

3.नोट छपाई- कागज का उपयोग नोटों की छपाई के दौरान होता है।

इसके अलावा भी बहुत सी चीजें हैं जिसमें कागज का उपयोग होता है आप कमेंट करके बताइए कागज का और कहाँ उपयोग होता है।

कागज की खोज कैसे हुई?

कागज की खोज सर्वप्रथम चीन में हुई । चीन में 202 ईसवीं में कागज की खोज हुई, उस दौरान वहाँ हान वंश नामक साम्राज्य का राजा था। 

चीन के बाद भारत में भी कागज के उपयोग और बनाने के प्रमाण सिंधु घाटी सभ्यता से मिले हैं। इसके अलावा भारत में 1870 के दशक में कागज का कारखाना लगाया गया। कागज की खोज से संबंधित अधिक पढने के लिए कृपया इस आर्टिकल पर जाएं- कागज का अविष्कार।

कागज का अविष्कार किसने किया था?

जैसा कि आपने पढा़ कागज की खोज सर्वप्रथम चीन में हुई तथा कागज का अविष्कार करने वाले चीन के ही Cai Lun थे।

कागज का क्या महत्व है?
 
कागज मनुष्य के द्वारा की जाने वाली सबसे क्रांतिकारी खोजों मे से एक है। कागज से पहले इंसान पेड़ के पत्तों आदि पर लिखता था लेकिन जब से कागज की खोज हुई तब से इसका बहुत महत्व बढ़ गया। और आज तो मानो कागज का ही बोलबाला है।

Our conclusion.

उम्मीद है कि दोस्तों आज की हमारी यह पोस्ट kagaj kaise banta hai पसंद आयी होगी। इस 
पोस्ट में हमने कागज से संबंधित लगभग सभी प्रकार की जानकारी दी है आपको यह पोस्ट कैसे लगी कमेंट करके जरूर बताएं और हाँ शेयर करना न भूलें क्योंकि ज्ञान बाँटने से बढता है। अगर इस आर्टिकल से संबंधित कोई सवाल है तो कृपया कमेंट में पूछे। 

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