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Kapda kaise banta hai?

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Kapda kaise banta hai प्यारे पाठकों आज का विषय बहुत ही अच्छा है क्योंकि आज हम बात करने वाले हैं हमारे तन को ढकने वाले वस्तु की जिसको कपड़ा, या वस्त्र कहते हैं। इस पोस्ट के माध्यम से जानेंगे कि kapda kaise banta hai इसके अलावा इसी पोस्ट में जानेंगे कि Resham ka kapda kaise banta hai और cotton ka kapda kaise banta hai.

मुझे लगता है कि इस पोस्ट में आपको कपड़ा के बारे में ऐसी जानकारी प्राप्त होगी जिससे शायद अभी तक आप अनभिज्ञ है,इसके अलावा कपडेंं का उद्योग भी आप करना चाहते हैं तो भी यह पोस्ट बहुत ही सही साबित होगी।

पिछली पोस्ट में बताया प्लास्टिक कैसे बनता है एवं LED bulb कैसे बनता है

चलिए शुरू करते हैं कपड़ा कैसे बनता है एवं इससे संबंधित पूरी जानकारी।

Kapda kaise banta hai ? कपड़ा कैसे ब है।


कपड़ा बनाना काफी जटिल प्रक्रिया होती है,इसमें विभिन्न प्रकार की चीजों की आवश्यकता होती है जैसे- लेबर,मशीनरी, कच्चा धागा,पक्का धागा,डिजाइन,सिलाई मशीन, कताई मशीन, बुनाई मशीन आदि इन सबके बाद कपडा़ का असली रूप आता है जिसे वस्त्र कहते हैं और हम जिसे पहनते हैं।

चलिए एक-एक कर जानते हैं कि आखिर कपडा़ कैसे बनता है।

कच्चा धागा : कपडा़ बनाने की सबसे पहली प्रोसेस में कच्चे धागे की जरूरत होती है, कच्चा धागे की एक बहुत बड़ी खेप फैक्ट्री में एकत्रित कर दी जाती है।

पक्का धागा : इस धागे के अंर्तगत सिल्क, नायलॉन, रंगीले धागे और फैब्रिक होते हैं। इसकी भी बहुत बड़ी खेप फैक्ट्री में एकत्रित कर दी जाती है।

मैनुअल एवं डिजिटल प्राडक्ट : इसमें सिलाई मशीन, कताई मशीन,और बुनाई मशीन के साथ ही कैंची, सुई, आदि प्रयोग किया जाता है, जबकि डिजिटल प्राडक्ट के अंतर्गत साफ्टवेयर, डिजाइनर, लेआउट, प्रिंटर का उपयोग किया जाता है।

इन सब चीजों के बाद ही फैक्ट्री में कपडा़ बनाया जा सकता है।

कपडों की बनाने की शुरुआत।

1. पैटर्न डिजाइन : कपडें बनाने की यह सबसे पहली प्रक्रिया है जिसमें एक मोटे पेपर की मदद कपडें का पैटर्न डिजाइन करने के लिए ली जाती है। पेपर को फोल्ड और रोल करके एक ढांचा बना लिया जाता है।

2.लुक और लेआउट डिजाइन : इस प्रोसेस में डिजिटल उपकरणों का सहारा लिया जाता है, जैसे साफ्टवेयर और डिजाइनर जिसकी मदद से कपडें को डिजाइन किया जाता है, और लेआउट बनाकर सही आकार दिया जाता है, मैनुअल प्रोसेस में बहुत समय लगता है।

3.फैब्रिक की कताई और बुनाई : यह वह प्रोसेस है जब कपडें को असली आकार मिलता है, पैटर्न और लुक डिजाइनिंग के बाद फैब्रिक, और अन्य धागों को काटा जाता है, और कपडें को ढांचे से आकार में बदल दिया जाता है।

4.बुनाई: बुनाई का मतलब होता है, फालतू की चीजों को कपडों से अलग करना, इसमें फैब्रिक कताई के दौरान बच गए और निकले हुए धागों को बुना जाता है।

5.सिलाई : कपडें का यह सबसे जरुरी प्रोसेस है,इसमें एक आकार लिए हुए कपडें को सिलाई करके मजबूती प्रदान की जाती है,कभी-कभी सिलाई से डिजाइन भी किया जाता है।

6.कपडों की रंगाई : इसमें कुछ विशेष रंगों के धागो से कपडें को सही तरीको से रंगा जाता है जिससे कपडा़ पूरा बनकर तैयार हो जाता है।

7.final products : ऊपर की सभी चीजें करने के बाद, अब बारी है तैयार कपडें को मार्केट में पेश करने की।

तो दोस्तों यह था आपका जवाब Kapda kaise banta hai उम्मीद है कि आपको पसंद आया होगा।

कपडें से संबंधित अंग्रेजी में पढें (Reference article) :How cloths are made.

चलिए कपडेंं से संबंधित और भी जानकारी प्राप्त करते हैं।

Resham ka kapda kaise banta hai? रेशम का कपडा़ कैसे बनता है

रेशम का धागा एक कीडें से आता है जिसका नाम है silkworm यह एक विशेष प्रकार का कीड़ा होता है जो 400 अंडे छोडता चलता है जिससे रेशम के धागे का निर्माण होता है, वैसे रेशम के कपडें देखने में खूबसूरत और शाइनिंग करते हैं। 

रेशम का कपड़ा बनाने में जो सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है वह बुनाई,और कताई इनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान होता है रेशम का कपडा़ बनाने में- वैसे आपको बता दें कि रेशम का कपडा़ वैसे ही बनता है जैसे ऊपर बताए गए तरीकों से अन्य कपडें बनते हैं। आप ऊपर जाकर समझ सकते है कि  Resham ka kapda kaise banta hai.


Cotton ka kapda kaise banta hai ?

दोस्तों cotton या सूत अथवा सूत या इसे रूई भी कहते हैं, एक विशेष वस्तु है जिससे कपडें बनाने की शुरुआत सबसे पहले हुई थी, सूती कपडें काफी मुलायम और आरामदायक होते है,दरअसल सूत की खेती की जाती है जिससे रूई निकलती है और उससे cotton का कपडा़ बनता है। 

1.पेंड से रुई निकाली जाती है : सबसे पहले रूई के एक बडें खेत से रूई निकाल ली जाती है उसके बाद।

2. रूई से धागा बनाया जाता है : खेतों से निकालने के बाद रूई को धागे में परिवर्तित किया जाता है पहले चरखी की मदद ली जाती थी,अब भारी मशीनों से बनाया जाता है।

3. धागे को फैक्ट्री में लाना : रूई से बने हुए धागों को फैक्ट्री में ले जाते हैं और इसके बाद ही ऊपर बताएं गए प्रोसेस से cotton ka kapda banta hai.

कपडा़ बनाने की शुरुआत कैसे हुई।

कपडें बनाने की शुरुआत आज से करीब एक लाख साल पहले हुई थी। जी हाँ हिमयुग के दौरान मानव ने जानवर और पेडों की छाल से कपडें बनाने की शुरुआत की, और यह प्रक्रिया लगातार विकास करती रही, फिर धीरे धीरे राज्य की जब उतपत्ति हुई तो मानव हीरा,जवाहरात, पीतल आदि के साथ साथ कुछ विशेष कपड़ो को बनाने की शुरुआत की। 

और इसी तरह औद्योगिक काल की शुरुआत होने से कपडें बनाने में एक नई क्रांति हुई, जूट,सूत,रेशम,ऊन,फाइबर,नायलॉन, पोलीस्टर, की मदद से नए कपडें,नई डिजाइन में बनने लगें। और आज हम लोग इन्ही चीजों से बनें कपडें पहनते हैं। देखिए इंसान ने कितनी तरक्की की है। अगर आप कपडें के इतिहास के बारे में पढना चाहते तो कृपया कमेंट में जरुर बताएं हम पोस्ट जरूर बताएंगे।

Our Conclusion.

Kapda kaise banta hai उम्मीद है कि आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आयी होगी,क्या सच में यह ज्ञानवर्धक है आगे भी शेयर करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसको पढ़ सके और अपने ज्ञान को बढाएं।

अगर इस पोस्ट से संबंधित कोई सवाल है तो कमेंट अथवा मेल के जरिए पूछेंं।

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