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Maithili Thakur biography in hindi.मैथिली ठाकुर का जीवन परिचय।

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आज हम पढ़ने जा रहे हैं शास्त्रीय संगीत और अन्य लोकभाषाओं की जानी-मानी गायिका मैथिली ठाकुर का जीवन परिचय[Maithili Thakur biography in hindi] मैथिली ठाकुर ने बहुत कम उम्र में संगीत के क्षेत्र में जो मुकाम हासिल किया है वह उनके समकक्ष लोगों के लिए बहुत मुश्किल है। आइये मैथिली ठाकुर के बारे में जानते हैं। 

Maithili Thakur biography in hindi[मैथिली ठाकुर का जीवन परिचय।]


मैथिली ठाकुर का जन्म 25 जुलाई 2000 ईस्वी को बिहार राज्य के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में हुआ था। मैथिली ठाकुर शास्त्रीय संगीतकार हैं। इनके पिता जी का नाम रमेश ठाकुर और माता जी का नाम भारतीय ठाकुर है। इनके दादा जी का नाम बच्चा ठाकुर है इनके दो भाई हैं रिसव और अयाची।
                                      
Maithili Thakur biography in hindi
Maithili Thakur biography Hindi

इनके पिता ररमेश ठाकुर भी एक लोकप्रिय संगीतकार और संगीत के टीचर हैं इनकी माता जी गृहणी हैं इनके भाई रिसव और अयाची इनके गायन में सहयोग करते हैं रिसव तबला बजाते हैं और अयाची गायक हैं। मैथिली ने अपने पिता जी से ही संगीत सीखा है। बचपन से ही इन्हें संगीत से लगाव था। 

मैथिली ठाकुर के बारे में ज्यादा जानकारी[Maithili thakur biography in hindi]


मैथिली ठाकुर को बचपन से ही संगीत से लगाव था। इनके पिता जी दिल्ली में एक संगीत टीचर थे और मैथिली अपने परिवार के साथ मधुबनी में रहती थी इनकी शुरुआती संगीत की ट्रेनिंग यंही पर हुई इनके दादा जी धार्मिक थे और उन्हें भी संगीत से लगाव था वो अक्सर राम जी और सीता जी के भजन गाया करते थे दादा जी इनके राम और सीता जी के भक्त थे इसलिए इनके दादा ने इनका नाम मैथिली रख दिया मैथिली सीता जी का नाम है।

इन्होंने क्लास 5th तक की पढाई घर पर ही की या यूँ कहे की ये क्लास 5th तक स्कूल नही गई दरसल इनके पिता जी नही चाहते थे कि वो स्कूल जाये और उसका मन संगीत में कम लगे इनके पिता जी ने मैथिली को संगीत से जोड़ा धीरे धीरे मैथिली को संगीत से लगाव हो गया मधुबनी में अपने दादा जी के साथ ये राम जी और सीता जी के विवाह के भजन गाया करती थी। यंही से इनके क्लासिकल संगीत की शुरुआत हुई।

इसके बाद लगभग 6-7 साल की उम्र में मैथिली दिल्ली में द्वारिका में  शिफ्ट हो गयी। इनके पिता जी यँहा पर पहले से रहते थे। यँहा पर इन्होंने बाल भवन International स्कूल में क्लास 6th में एडमिसन करा लिया। अब इनकी पढ़ाई भी शुरू हो गयी और संगीत भी सिखने लगी।
 
पिता जी लोकप्रिय संगीतकार और संगीत के टीचर थे उन्होंने मैथिली को जागरण में भजन कीर्तन करने के लिए कहा। यंही से मैथिलि के संगीत करियर की शुरुआत हुई। 

2011 में Show लिटिल चाम्स में आडिशन दिया तीन आडिशन में सेलेक्ट हो गयी पर इन्हें लास्ट अटेम्प्ट में एलिमिनेट कर दिया गया। इसके बाद इन्होंने 2015 में Sony TV के Show Indian Idol में आडिशन दिया लेकिन यँहा पर भी रिजेक्ट हो गई। 2016 में इन्होंने फिर कोशिश की लेकिन First राउंड में ही एलिमिनेट हो गईं। 

लेकिन मैथिली ठाकुर कभी हतास नही हुई इसके बाद इन्होंने 2017 में राइजिंग स्टार में आडिशन दिया और रनर अप चुनी गईं। इसके बाद इन्होंने बहुत से Show किये। इनका एक Youtube Channel भी है Maithili Thakur के नाम से आप यँहा पर इनके लेटेस्ट Videos और सांग्स को देख सुन सकते हैं। इन्होंने कई एलबमों में भी काम किया है या रब्बा जैसे एल्बम इनके फेमस एल्बम हैं।

मैथिली ठाकुर के भजन-


  • मैं तो तेरी हो गयी श्याम।
  • मेरे बांके बिहारी लाल।
  • छोटी छोटी मैया।
  • सीताराम सीताराम सीताराम कहिए।
  • लूट के ले गया दिल जिगर।
  • भजो रे भैया।
  • राधे कौन से पुण्य किये तूने।
  • हमें तो जोगनिय बनायो गयो री।
  • मत कर अभिमान रे बन्दे।
  • भजो श्याम भजो रे।
आइये कुछ और बियोग्राफी पढ़े-


आज आपने मैथिली ठाकुर का जीवन परिचय पढ़ा[Maithili thakur biography in hindi] उम्मीद है हमारा लेख आपको पसंद आया होगा। ऐसी ही प्रशिद्ध लोगों के जीवन के बारे में जानने और उनसे कुछ सीखने के लिए हमारे ब्लॉग से जुड़े नीचे दिए गए सब्सक्रिप्शन बॉक्स में ईमेल पता डालें। धन्यवाद!

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