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Israel biography in hindi , Story of Israel in hindi , capital , population , Religion

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Israel biography in hindi , Story , population , Religion , Capital 

दुनिया का एकमात्र यहूदी देश क्षेत्रफल भारत के राज्य पंजाब के बराबर और जनसंख्या की बात तो न ही करें क्यूंकि वहाँ की जनसंख्या दिल्ली से भी कम है। 

लेकिन ये तमाम चीजें भी उस देश की तरक्की को रोक नही पाती और शक्तिशाली तो इतना कि आस पडोस के देश के हाथ पाँव डर की वजह से हमेशा फूले रहते है आपने अदांजा लगा ही लिया होगा हम बात कर रहे हैं इजरायल देश की और आज की जीवनी खास में हम बात करेंगे इजरायल देश की नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है अंशुल और आप पढ़ रहे हैं है SSTECHESA की एक जीवनी खास की खास पोस्ट।

                                    

चलिए आज आपको दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में शुमार इजरायल की कहानी या  उसकी जीवनी के बारे में सबकुछ बताते हैं चलिए फटाफट से शुरू करते है।


बात शुरु होती है आज से 73 साल पहले 1948 में जब पूरी दुनिया में राज कर रहे ब्रिटिश शासन का अंत होता है और इसी कड़ी में ब्रिटिश सरकार मध्य पूर्व और खाडी देशो को भी धीरे धीरे छोडकर जाने लगती है इसमे बाकी सब तो ठीक था लेकिन मध्य पूर्व में सिनाई की खाड़ी के समीप एक भूभाग ऐसा भी था जहाँ पर वहां के स्थानीय लोग जिन्हें फिलीस्तीनी कहा जाता था रहते थे और उनका एक देश था फिलीस्तीन लेकिन जब अंग्रेज फिलीस्तीन को छोड़कर जाने लगे तभी उन्होंने वहाँ रह रहे गैर निवासियों जोकि यहूदी थे और उस जमीन पर अपना हक जमा रहे थे जिसपर फिलीस्तीन का कब्जा था उसको शासन की बागडोर दे दी और  फिर इजरायल ने ब्रिटिश समक्क्ष के सामने फिलीस्तीन के लिए कुछ प्रसताव रखें जिनमें सबसे प्रमुख था कि फिलीस्तीन के पास कोई सेना नहीं होगी हाँ देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए पुलिस बल जरुर हो सकता है।


ऐसा कानून बनाने के लिए फिलीस्तीनी लोग ने इजरायल का विरोध किया लेकिन कुछ फायदा नही हो सका इजरायल देश बनने के समय उसका क्षेत्रफल और फिलीस्तीन का क्षेत्रफल क्रमश 10% एवं 90% था वर्तमान में इसके उलट है आज 90% क्षेत्रफल पर इजरायल का तो वहीं 10% क्षेत्रफल पर फिलीस्तीन का कब्जा है। 

ऐसा बड़ा उलटफेर युद्धों के दौरान हुआ अपनी कमजोर इच्छाशक्ति और सेना न होने के कारण फिलीस्तीन ने हर बार इजरायल के खिलाप युद्ध में अपने आम नागरिकों के साथ अपना बड़ा भूभाग गवाया है। 


फिलीस्तीन के उलटा इजरायल में मजबूत इच्छाशक्ति और जुझारू तथा तकनीकी पर ध्यान केंद्रित करने वाले लोग थे और यही सबसे बड़ा कारण था कि इजरायल न सिर्फ एशिया में बल्कि पूरी दुनिया में सबसे ताकतवर देशो मे शुमार हो गया।  


इजरायल के geo politics की बात करें तो यह देश दक्षिण पूर्व में Jordan देश से सीमा बनाता है पूर्व में सीरिया से उत्पर में लेबनान से एवं दक्षिण पश्चिम में सिनाई प्रायद्वीप मिस्र से एवं पश्चिम में भूमध्य सागर से सीमा बनाता है।


इजरायल के एक महत्वपूर्ण रणनीतिक तौर पर इस्लामिक देशों के करीब होने से एवं उसके ताकतवर होने से यूरोप और एशिया के बीच भूमध्यसागर से होने वाले व्यापार में आतंकवादी गतिविधियों पर लगाम रहती है।


इजरायल देश में 70% जनसंख्या यहूदी धर्म मानने वाली 17% अरबी लोग है एवं अन्य धर्म के लोग है दुनिया में कहीं भी कोई यहूदी बच्चा पैदा होता है तो उसे अपने आप इजरायल की नागरिकता मिल जाती है।


वर्तमान में इजरायल देश का विश्व राजनीति एवं विश्व आर्थिक गतिविधियों पर बड़ा प्रभाव है अमेरिका और प्रमुख पश्चिमी देश खाड़ी मे आतंकवादियों से अपनी लडाई में इजरायल को एक बड़े सहयोगी के तौर पर देखते हैं


इजरायल की सुरक्षा और खुफिया एजेंसी मोसाद दुनिया की सबसे ताकतवर खुफिया एजेंसियों में गिनी जाती है।


मोसाद के कारनामे विश्व भर में प्रसिद्ध है...


1.जिनमें 1966 में मोसाद ने रूस की मिग 21 चुरा लिया था।


2.1960 में नाजियों से बदला लेने के लिए नाजी के टॉप कमांडर रह चुके एडोल्फ एकमैन को अर्जेटिना में मार गिराया।


3.5 सितंबर 1972 को फिलीस्तीन आतंकवादियों ने म्यूनिख ओलंपिक में भाग ले रहे इजरायली खिलाड़ियों को मार दिया जिसके बाद मोसाद के एजेंटों ने उन्हें चुन चुनकर मारा। 


4.साल 1976 में इजरायल के मोसाद ने खाड़ी देश के तमाम बडे देशो को मात्र 6 दिनो में युद्ध में हरा दिया।


आपको बता दें कि महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन भी एक यहूदी थे और फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग भी एक यहूदी ही है।


तो दोस्तों ये थे तमाम किस्से और कहानियां उम्मीद है कि आपको इजरायल देश की जीवनी पसंद आयी होगी। मिलते है कल आपसे फिर एक जीवनी में तब तक के लिए धन्यवाद

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